"एमआईटी में ‘यूनि इटालिया’ सत्र: छात्रों को इटली पढ़ाई के सुनहरे अवसर!"
एमआईटी में ‘यूनि इटालिया’ का विशेष सत्र, छात्रों को बताए इटली में पढ़ाई के सुनहरे अवसर

UP NEWS UPDATE :एमआईटी में ‘यूनि इटालिया’ का धमाकेदार सत्र: इटली में पढ़ाई के सुनहरे द्वार खुलने को तैयार!
उज्जवल रस्तौगी, वरिष्ठ पत्रकार
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में इटली की उच्च शिक्षा के रोमांचक अवसरों पर एक विशेष जागरूकता सत्र ने छात्रों और शिक्षाविदों के बीच उत्साह की लहर दौड़ा दी। इटली दूतावास, भारत द्वारा समर्थित आधिकारिक संस्था ‘यूनि इटालिया’ के प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में शिरकत की और विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा के नए क्षितिज से रूबरू कराया। यह सत्र न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ, बल्कि क्षेत्र के स्कूल प्रधानाचार्यों और काउंसलर्स के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच बना।
छात्रों के साथ इंटरैक्टिव शुरुआत: इटली की दुनिया का खुलासा
कार्यक्रम की शुरुआत ‘यूनि इटालिया’ की एसोसिएट रूबी थॉमस द्वारा छात्रों के लिए आयोजित इंटरैक्टिव सत्र से हुई। उन्होंने इटली में अध्ययन की असीम संभावनाओं, वैश्विक एक्सपोजर के फायदों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के बढ़ते महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। छात्रों ने सक्रिय रूप से सवाल-जवाब किए, जिससे सत्र जीवंत हो उठा। रूबी थॉमस ने बताया कि इटली विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों, किफायती शिक्षा और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता है, जो भारतीय छात्रों के सपनों को साकार करने का सुनहरा मौका प्रदान करता है।
प्रधानाचार्यों व काउंसलर्स के लिए विशेष चर्चा
इसके बाद ‘यूनि इटालिया’ के इंडिया ऑफिस कोऑर्डिनेटर अर्कप्रभा बिस्वास और इटैलियन लैंग्वेज कोऑर्डिनेटर रोसेला ने आमंत्रित प्रधानाचार्यों व काउंसलर्स के साथ गहन चर्चा की। रोम्बस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल अमित कोहली, केडी इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल रूपल रस्तोगी, न्यू एरा इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल रंजीत सिंह तथा मुनीराम यादव जैसे प्रमुख नाम उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में इटली की शिक्षा प्रणाली के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारतीय छात्रों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक कोर्स, स्कॉलरशिप और करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी साझा की।
व्यावहारिक मार्गदर्शन: आवेदन से लेकर भाषा तक
सत्र का एक प्रमुख आकर्षण रहा इटली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, वीजा संबंधी जानकारियां और अन्य महत्वपूर्ण कदमों पर दिया गया व्यावहारिक मार्गदर्शन। प्रतिनिधियों ने इटली पहुंचने के बाद की चुनौतियों का भी जिक्र किया और उनका समाधान बताया। विशेष रूप से इटैलियन भाषा के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए उन्होंने स्कूलों से छात्रों में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। रोसेला ने इटैलियन भाषा कोर्स की जानकारी देकर छात्रों को प्रोत्साहित किया, जो इटली में पढ़ाई का आधार बन सकती है।
एमआईटी प्रशासन का सराहनीय योगदान
इस सफल आयोजन में एमआईटी के निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान, प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा, एचओडी डॉ. सपना देशवाल, आउटरीच हेड शिखा चौहान, रितिमा तथा सुमित राणा का विशेष योगदान रहा। संस्थान ने इस सत्र को आयोजित कर छात्रों को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डॉ. खान ने कहा, “ऐसे कार्यक्रम छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।”
निष्कर्ष
एमआईटी में ‘यूनि इटालिया’ के इस विशेष सत्र ने छात्रों और शिक्षाविदों को इटली की उच्च शिक्षा के अवसरों से जोड़ दिया। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने वाला साबित हुआ, बल्कि युवाओं के वैश्विक सपनों को पंख लगाने वाला भी। इटली के शैक्षणिक द्वार अब भारतीय छात्रों के लिए ज्यादा सुलभ हो गए हैं—अब बाकी है साहसिक कदम उठाने का!
