मुजफ्फरनगर।
मुजफ्फरनगर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। हालात अब इस कदर बिगड़ चुके हैं कि प्रदूषण केवल सड़कों, चौराहों और औद्योगिक इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों के घरों के आंगन, छतों और खुले स्थानों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सुबह-सुबह घरों की छतों, वाहनों और फर्श पर जमी काली-भूरी धूल प्रदूषण की भयावह स्थिति को बयां कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना घरों की सफाई के बावजूद कुछ ही घंटों में धूल की मोटी परत फिर से जम जाती है। यह स्थिति खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, खांसी और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।https://www.instagram.com/p/DSuDGHUjkhL/
प्रदूषण विशेषज्ञों के अनुसार शहर में बढ़ते प्रदूषण के पीछे औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं, भारी वाहनों की आवाजाही, कचरा जलाना और निर्माण कार्य प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा मौसम में नमी और हवा की रफ्तार कम होने से जहरीले कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे हालात और भी खराब हो जाते हैं।
Read more: Muzaffarnagar Breaking News प्रदूषण की भयावह तस्वीर, अब घरों के आंगन और छतों तक पहुंची जहरीली परतस्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित हैं। जब तक सख्त निगरानी और ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आम जनता को इस जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर रहना पड़ेगा।
हम लगातार मुजफ्फरनगर में प्रदूषण की जमीनी हकीकत सामने ला रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब प्रशासन जागेगा और कब शहर के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित हवा नसीब होगी। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है।
