UP News Update विराट हिंदू सम्मेलन के मंच से भारतीय जनता पार्टी की नेत्री अपर्णा यादव ने बड़ा और तीखा बयान देते हुए कहा कि “अगर राम के नाम की योजनाएं नहीं होंगी, तो क्या अल्लाह के नाम पर योजनाएं चलाई जाएंगी?” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।अपर्णा यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति, परंपरा और पहचान सनातन मूल्यों से जुड़ी हुई है और विकास योजनाओं में इस विरासत का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीति से जोड़कर देखने की बजाय, इसे सांस्कृतिक चेतना के रूप में समझा जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि देश में बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब जनता जागरूक है और अपनी संस्कृति के सम्मान के लिए एकजुट हो रही है। अपर्णा यादव के इस बयान पर सम्मेलन में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ समर्थन जताया।हालांकि, उनके बयान को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया आना तय माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इस बयान पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
