सीतापुर: साध्वी प्राची का ईरान-इजरायल युद्ध पर धमाकेदार बयान, खामेनेई मौत पर मातम मनाने वालों की जांच की मांग।
सीतापुर: ईरान इजरायल युद्ध को लेकर साध्वी प्राची का बड़ा बयान खामनेई की मौत का मातम मनाने वालों की जांच होनी चाहिए
UP NEWS UPDATE :सीतापुर में साध्वी प्राची का ईरान-इजरायल युद्ध पर धमाकेदार बयान।
बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश के सीतापुर नगर में एक निजी कार्यक्रम के दौरान साध्वी प्राची ने मीडिया से बातचीत में ईरान-इजरायल युद्ध पर जोरदार बयान दिया। उन्होंने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भगवद्गीता पढ़ने के बाद युद्ध का फैसला लिया, जिसके लिए साध्वी ने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने राहुल गांधी के अहिंसा वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जब चारों ओर हमले हो रहे हों, तो गीता का कर्मयोग अपनाना चाहिए।
खामेनेई मौत पर विवाद
साध्वी प्राची ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हालिया मौत का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की सड़कों पर, खासकर लखनऊ में, कुछ लोगों ने विधवा विलाप किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों की जांच हो, क्योंकि खामेनेई ने पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान का साथ दिया था। खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में हुई, जिसके बाद ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया।
जांच की मांग
साध्वी ने सवाल उठाया कि भारत और उत्तर प्रदेश में खामेनेई की मौत पर मातम मनाने वालों का आखिर रिश्ता क्या है। उन्होंने कहा, “योगी जी, इनके लिंक क्या थे खामेनेई के साथ? क्यों विधवा विलाप हो रहा है?” यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और सियासी बहस छेड़ दिया है।
“ईरान के अंदर खामेनेई की हत्या के बाद हिंदुस्तान की सड़कों पर विधवा विलाप किया गया। योगी जी जरा इनकी जांच करा दीजिए। इनके लिंक क्या थे खामेनेई के साथ?”
निष्कर्ष
साध्वी प्राची का सीतापुर में दिया गया बयान ईरान-इजरायल युद्ध और खामेनेई की मौत पर सियासी बहस को नई गर्मी दे रहा है। उनकी जांच की मांग ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को उभारा है। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
