फर्रुखाबाद फतेहगढ़: यूजीसी कानून के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी
फर्रुखाबाद फतेहगढ़: यूजीसी कानून पर सवर्ण समाज का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी!
UP NEWS UPDATE :फर्रुखाबाद फतेहगढ़: यूजीसी कानून के खिलाफ सवर्ण समाज का आक्रोश, कलेक्ट्रेट पर जमकर नारेबाजी!
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ क्षेत्र के कलेक्ट्रेट परिसर में कई संगठनों ने यूजीसी के नए कानून के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।[query] प्रदर्शनकारियों ने 48 घंटे के अंदर कानून वापस लेने की मांग की और जमकर नारेबाजी की।[query] सवर्ण समाज में इस कानून को लेकर व्यापक आक्रोश फैला हुआ है।
विरोध प्रदर्शन का विवरण
फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए।[query] उन्होंने यूजीसी के हालिया प्रावधानों को भेदभावपूर्ण बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। नारों के साथ कलेक्ट्रेट घेराव किया गया और काला कानून वापस लेने की मांग तेजी से उठाई गई।[query]
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने आरोप लगाया कि यह कानून सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के हितों के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत तनाव बढ़ेगा।
48 घंटे की अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि 48 घंटे के अंदर यूजीसी कानून वापस न लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा।[query] जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई। इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए थे।
सवर्ण समाज का व्यापक असंतोष
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सवर्ण समाज विरोध कर रहा है। फर्रुखाबाद में राष्ट्रवादी ब्राह्मण महासभा सहित अन्य संगठनों ने इसे सामाजिक सौहार्द के लिए घातक बताया। यह आंदोलन अब पूरे देश में तेजी से फैल रहा है।
निष्कर्ष
फर्रुखाबाद फतेहगढ़ में यूजीसी कानून के खिलाफ सवर्ण समाज का विरोध प्रदर्शन उच्च शिक्षा नीति पर व्यापक असंतोष को दर्शाता है। 48 घंटे के अल्टीमेटम के साथ कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी ने आंदोलन को नई गति दी है। प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे का समाधान करना होगा ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
