मुजफ्फरनगर आंगनबाड़ी में गणतंत्र दिवस वर्तनी चूक: बच्चों की शिक्षा पर सवाल
मुजफ्फरनगर: आंगनबाड़ी केंद्र पर गणतंत्र दिवस शुभकामना में वर्तनी चूक, सोशल मीडिया पर चर्चा

UP NEWS UPDATE : मुजफ्फरनगर जनपद के प्रेमपुरी इलाके से शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ पूरा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उल्लास में डूबा था, वहीं प्रेमपुरी की एक आंगनबाड़ी पाठशाला में बच्चों को पढ़ाने वाली ही ‘अनपढ़’ साबित हुईं।
दरअसल आपको बता दे कि प्रेमपुरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में तैनात कार्यकर्ता अलका द्वारा गणतंत्र दिवस का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान उन्होंने बच्चों के सामने ब्लैकबोर्ड पर शुभकामना संदेश लिखा। लेकिन गौर करने वाली बात यह रही कि शिक्षा देने वाली अलका ने बोर्ड पर “गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं” की जगह “गणतंत्र दिवस की हर्दिक शुभकमनाएं” लिख दिया जो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है
आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की शिक्षा की पहली सीढ़ी माने जाते हैं। ऐसे में जब खुद शिक्षिका (कार्यकर्ता) को ही बुनियादी शब्दों का सही ज्ञान न हो, तो वहां पढ़ने वाले मासूम बच्चों के भविष्य का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है क्या यह केवल लिखने में हुई एक चूक थी या बुनियादी शिक्षा की कमी जो बच्चे अभी अक्षर ज्ञान सीख रहे हैं, वे गलत शब्दों को ही सही मानकर आत्मसात कर लेते हैं अब ऐसे में तो वो सब गलत हो सीखेंगे न
सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर नींव ही इतनी कमजोर होगी, तो शिक्षा की इमारत कैसी बनेगी? अब देखना यह है कि इस वायरल हुई तस्वीर के बाद विभाग संबंधित कार्यकर्ता पर क्या संज्ञान लेता है।
निष्कर्ष
यह घटना मुजफ्फरनगर के प्रेमनगर आंगनबाड़ी केंद्र से ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की गहरी कमजोरी को उजागर करती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अलका द्वारा गणतंत्र दिवस पर ब्लैकबोर्ड पर “हार्दिक शुभकामनाएं” की वर्तनी चूक ने न केवल सोशल मीडिया पर बहस छेड़ी, बल्कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर सवाल खड़े किए। यदि नींव कमजोर रही, तो भविष्य की इमारत मजबूत कैसे बनेगी। विभाग को तत्काल जांच कर प्रशिक्षण सुधारने की आवश्यकता है।
