आईआईटी कानपुर पीएचडी छात्र रामस्वरूप की दर्दनाक मौत: एंग्जाइटी से छठी मंजिल से कूदा
IIT में PHD स्कॉलर ने की आत्महत्या।
कानपुर ब्रेकिंग: IIT में पीएचडी स्कॉलर रामस्वरूप की हृदयविदारक मौत, एंग्जाइटी से जूझते हुए छठी मंजिल से कूदा
कानपुर के प्रतिष्ठित आईआईटी कैंपस में मंगलवार दोपहर एक होनहार पीएचडी स्कॉलर ने छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से राजस्थान के चूरू जिले के रहने वाले रामस्वरूप ईश्वरम अर्थ विज्ञान विभाग में शोध कर रहे थे और जुलाई 2023 से संस्थान से जुड़े हुए थे।
घटना का पूरा विवरण
घटना दोपहर करीब 1:30 बजे न्यू एसबीआरए भवन के एए-21 अपार्टमेंट के पास हुई, जहां रामस्वरूप अपनी पत्नी मंजू और तीन वर्षीय बेटी चारु के साथ रहते थे। बालकनी से छलांग लगाने के बाद वे बिजली के पोल से टकराते हुए सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें तुरंत गुरुदेव क्षेत्र के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने चीखकर संस्थान प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
लंबे समय से एंग्जाइटी की समस्या
रामस्वरूप लंबे अरसे से गंभीर एंग्जाइटी और डिप्रेशन से जूझ रहे थे, जिसके लिए आईआईटी के मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में कई दौर की काउंसलिंग हो चुकी थी। सोमवार को भी उनकी काउंसलिंग हुई थी और मंगलवार को फिर बुलाया गया था, लेकिन वे घर लौटते ही यह कदम उठा बैठे। परिवार और साथियों के अनुसार, तनाव के कारण वे काफी थकावट महसूस कर रहे थे।
पुलिस कार्रवाई और जांच
कल्याणपुर थाना पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का म meticulous निरीक्षण किया तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया, “प्रारंभिक जांच में डिप्रेशन और एंग्जाइटी की पुष्टि हुई है। पत्नी से पूछताछ जारी है तथा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
IIT कैंपस में बढ़ते सुसाइड केस चिंता का विषय
यह घटना पिछले 22-23 दिनों में आईआईटी कानपुर की दूसरी आत्महत्या है; 29 दिसंबर 2025 को बीटेक छात्र जयसिंह मीणा ने भी हॉस्टल में जान दी थी। पिछले एक साल में चार और दो साल में नौ छात्रों की इसी तरह मौत हो चुकी है, जिससे संस्थान के काउंसलिंग सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। आईआईटी निदेशक मनींद्र अग्रवाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक प्रतिभाशाली शोधार्थी को खो चुके हैं तथा परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
समाचार का निष्कर्ष
आईआईटी कानपुर में रामस्वरूप ईश्वरम की आत्महत्या ने संस्थान के मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में दूसरी ऐसी घटना से छात्रों की सुरक्षा और काउंसलिंग व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी, लेकिन यह घटना पूरे शैक्षणिक समुदाय के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
