कश्यप समाज का आक्रोश: मेरठ-सोनू के बाद मैनपुरी-बेचीलाल हत्याकांड
कश्यप समाज सुलग रहा: मेरठ सोनू के बाद मैनपुरी बेचीलाल को जिंदा जलाया
UP NEWS UPDATE :उत्तर प्रदेश में कश्यप समाज के भीतर सुरक्षा और न्याय को लेकर गहरा गुस्सा सुलग रहा है। पहले सोनू कश्यप को जिंदा जलाने की जघन्य वारदात और अब मैनपुरी में एक और कश्यप युवक की जला कर हत्या कर देने की खबर ने समाज के सब्र का बांध तोड़ दिया है। इन घटनाओं ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्ताधारी दल के प्रति समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष पैदा कर दिया है बीते कुछ समय में कश्यप समाज के युवाओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। मैनपुरी की हालिया घटना ने उस घाव को फिर से हरा कर दिया है जो सोनू कश्यप के मामले से लगा था। समाज के लोगों का कहना है कि इन मामलों में जिस क्रूरता का परिचय दिया गया है, वह रूह कंपा देने वाली है सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक, कश्यप समाज के युवा और नेता अब भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। समाज के प्रतिनिधियों का स्पष्ट कहना है कि कश्यप समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इन गंभीर मामलों में वैसी मुस्तैदी नहीं दिखा रहे जैसी उम्मीद की जाती है समाज के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि जुल्म का यह सिलसिला नहीं थमा और दोषियों को कठोर सजा नहीं मिली, तो 2027 के विधानसभा चुनावों में कश्यप समाज एकजुट होकर भाजपा को कड़ा सबक सिखाएगा।
वहीं कश्यप समाज ने मांग की है किमैनपुरी कांड के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई वह पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी की सहायता प्रदान की जाए
”अपराध किसी भी समाज के खिलाफ हो, वह निंदनीय है। लेकिन जब एक ही समाज को बार-बार निशाना बनाया जाए, तो वह राजनीतिक उपेक्षा का संकेत देता है। अब कश्यप समाज चुप नहीं बैठेगा यह स्पष्ट है कि मैनपुरी की घटना ने कश्यप समाज के स्वाभिमान को चोट पहुंचाई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस आक्रोश को शांत करने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में कश्यप समाज पर हो रहे लगातार हमलों ने समुदाय के धैर्य की सीमा लांघ ली है। मेरठ में सोनू कश्यप और मैनपुरी में बेचीलाल कश्यप की जघन्य हत्याओं ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज को एकजुट होकर न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया है।
समाज की मांगें
कश्यप समाज ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है। प्रशासन ने मैनपुरी मामले में 4 लाख रुपये और जमीन पट्टा प्रदान किया, पर पूर्ण न्याय तक आक्रोश शांत नहीं होगा।
