सहारनपुर: फर्जी मामा की जमीन हड़पने की साजिश, SSP से लगी गुहार
सहारनपुर: फर्जी मामा ने भांजे की जमीन हड़पी, SSP से न्याय की गुहार
UP NEWS UPDATE : सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी और कूटरचना का एक मामला सामने आया है। गांव अलीपुरा निवासी आलमगीर पुत्र अब्दुल सत्तार ने एसएसपी को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने स्वयं को उसका मामा बताकर उसकी अशिक्षा का लाभ उठाया। आरोपी ने उसकी पैतृक भूमि का फर्जी तरीके से दानपत्र करा लिया और अब उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित आलमगीर ने बताया कि उनके पिता का निधन वर्ष 1990 में हो गया था, उस समय वह नाबालिग थे। कुछ समय बाद उनकी माता का भी पुनर्विवाह हो गया, जिसके बाद उनकी परवरिश दादा-दादी ने की। वर्ष 2002 में दादा और 2015 में दादी के निधन के बाद आलमगीर मानसिक रूप से टूट गए और रोजी-रोटी के लिए दिल्ली जाकर मजदूरी करने लगे। आरोप है कि वर्ष 2023 में जब आलमगीर अपने पैतृक गांव लौटे, तो कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ रख लिया और डेयरी पर काम कराने लगे। इस दौरान उन्हें किसी अन्य रिश्तेदार से मिलने नहीं दिया गया। पीड़ित के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को स्वयं को उनका मामा बताने वाले व्यक्ति ने उन्हें आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाने के बहाने तहसील चलने को कहा। 31 अक्टूबर 2025 को उन्हें तहसील नकुड़ ले जाकर कुछ कागजातों पर अंगूठा लगवाया गया और फोटो खींचकर वहीं छोड़ दिया गया। बाद में आलमगीर को पता चला कि उनकी पैतृक भूमि का दानपत्र धोखाधड़ी से कुर्बान नामक व्यक्ति के नाम करा लिया गया है। इस दानपत्र में कुर्बान के पुत्र और एक अन्य रिश्तेदार को गवाह बनाया गया है। पीड़ित का आरोप है कि कुर्बान उनका सगा मामा नहीं है और उसे इस तरह दानपत्र कराने का कोई अधिकार नहीं था। जब पीड़ित ने अपने सगे मामाओं के साथ जाकर इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। आलमगीर ने बताया कि उन्होंने 15 जनवरी 2026 को थाना सरसावा में इस संबंध में शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने एसएसपी से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मामले का निष्कर्ष
सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में आलमगीर की पैतृक जमीन पर फर्जी मामा कुर्बान द्वारा धोखाधड़ी का मामला गंभीर है। अशिक्षा का लाभ उठाकर फर्जी दानपत्र कराने और विरोध पर धमकी देने के आरोपों के बाद पीड़ित ने SSP से न्याय की गुहार लगाई है। थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से पुलिस निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।
