कन्नौज इंजीनियरिंग कॉलेज: सड़े आलू-घटिया दही पर छात्र हंगामे पर उतरे
पानी वाला दही-सड़े आलू दिखाकर छात्रों ने खोली मेस की पोल
कन्नौज के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों का खराब खाने को लेकर उग्र प्रदर्शन हुआ है। तिर्वा क्षेत्र में स्थित इस कॉलेज के छात्रों ने सड़े आलू और घटिया दही दिखाकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों के धैर्य के टूटने से कॉलेज कैंपस में हंगामा मच गया।
घटना का विवरण
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, तिर्वा-बेला मार्ग पर स्थित है, जहां छात्रों के लिए मेस में मेन्यू के अनुसार भोजन की व्यवस्था है। बुधवार को छात्रों को खाने में पानी वाला दही और सड़े हुए आलू परोसे गए, जिससे वे भड़क उठे। छात्रों ने थाली हाथ में लेकर कैंपस में प्रदर्शन किया और प्रशासन पर शिकायत नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
छात्रों के प्रमुख आरोप
- मेस में सड़ा गला भोजन परोसा जाता है, जिसमें आलू सड़े हुए और दही पतला पानी जैसा मिलता है।
- अधिक रोटी मांगने पर डांट-फटकार और ब्लैकलिस्ट करने की धमकी दी जाती है।
- प्रत्येक छात्र से हजारों रुपये मेस शुल्क लिया जाता है, फिर भी कैदियों जैसा व्यवहार होता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन के दौरान वार्डन राजीव वघेल ने पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता सुधारने का आश्वासन दिया। हालांकि, छात्रों ने इसे खारिज कर दिया और मेस प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कॉलेज प्रशासन कमरों में दुबक गया, जबकि प्रदर्शन कई घंटों तक चला।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
कॉलेज में कुछ दिनों से खाने की शिकायतें चल रही थीं, लेकिन प्रशासन ने उत्पीड़न कर उन्हें दबाने की कोशिश की। इस घटना ने छात्रों के स्वास्थ्य और जीवन से खिलवाड़ का गंभीर मुद्दा उजागर किया। स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
निष्कर्ष
इस घटना से स्पष्ट है कि मेस प्रबंधन छात्रों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है, जबकि हजारों रुपये शुल्क लिया जाता है। प्रशासन को तत्काल सुधार के कदम उठाने चाहिए, अन्यथा आंदोलन और तेज हो सकता है। छात्रों की एकजुटता ने कॉलेज की पोल खोल दी है।
