महाकुंभ सालगिरह: मुस्लिम समाज का गाजियाबाद में ऐतिहासिक आयोजन
महाकुंभ की पहली सालगिरह पर नया इतिहास: उत्तर प्रदेश में पहली बार मुस्लिम समाज कर रहा भव्य आयोजन
महाकुंभ की पहली सालगिरह पर नया इतिहास: उत्तर प्रदेश में पहली बार मुस्लिम समाज कर रहा भव्य आयोजन, नसीम आलमी की पहल पर डीएलएफ में होगा बड़ा कार्यक्रम
गाजियाबाद। महाकुंभ प्रयागराज 2025 की पहली सालगिरह को लेकर उत्तर प्रदेश में एक नई और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। राज्य में पहली बार किसी मुस्लिम समाजसेवी संगठन द्वारा महाकुंभ की सालगिरह को बड़े पैमाने पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इस आयोजन की जिम्मेदारी मुस्लिम आलिम मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी (रजिस्टर्ड) ने उठाई है, जिसके संयोजक और मुख्य आयोजक नसीम आलमी हैं। यह कार्यक्रम 14 फरवरी 2026 को डीएलएफ कॉलोनी, साहिबाबाद स्थित भगत सिंह चौक पर आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इसी भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से मुस्लिम समाज आगे आया है। नसीम आलमी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह पहला अवसर है जब मुस्लिम समाज की ओर से महाकुंभ की पहली सालगिरह को सार्वजनिक और भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जिससे आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को नया संदेश मिलेगा।
कार्यक्रम को वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की ऐतिहासिक सफलता से जोड़ा जा रहा है, जिसका आयोजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुआ था। आयोजकों का कहना है कि महाकुंभ ने पूरी दुनिया में उत्तर प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दिया, और उसी गौरव को सम्मान देने के लिए यह सालगिरह मनाई जा रही है।
इस मौके पर सामाजिक और शैक्षिक संदेश को भी केंद्र में रखा गया है। कार्यक्रम में साहिबाबाद क्षेत्र के कक्षा 10वीं और 12वीं के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। छात्रों को मंच से शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि शिक्षा के प्रति उनका उत्साह और बढ़े और समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल करेंगे। आयोजकों के अनुसार, समारोह में मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, जिससे कार्यक्रम का राजनीतिक और सामाजिक महत्व और बढ़ जाएगा।
नसीम आलमी ने बताया कि सम्मान प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों को 30 जनवरी 2026 तक अपना नाम, पता और फोन नंबर पंजीकृत कराना होगा। कार्यक्रम में छात्रों का अपने माता-पिता या अभिभावक के साथ आना अनिवार्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं, बल्कि एक संदेश है कि भारत की एकता में हर समाज की बराबर की भागीदारी है।
कुल मिलाकर, मुस्लिम आलिम मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया जा रहा यह आयोजन न सिर्फ महाकुंभ की पहली सालगिरह को यादगार बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक सौहार्द की एक नई मिसाल भी पेश करेगा।
महाकुंभ सालगिरह आयोजन का निष्कर्ष
मुस्लिम आलिम मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी द्वारा गाजियाबाद में प्रस्तावित यह भव्य आयोजन उत्तर प्रदेश में पहली बार मुस्लिम समाज द्वारा महाकुंभ की सालगिरह मनाने का ऐतिहासिक कदम है। नसीम आलमी के नेतृत्व में 14 फरवरी 2026 को होने वाला यह समारोह सांस्कृतिक एकता और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करेगा।
सामाजिक महत्व
मेधावी छात्रों का सम्मान और भाजपा नेताओं की उपस्थिति इस कार्यक्रम को सामाजिक समरसता की मिसाल बनाएगी। यह प्रयागराज महाकुंभ 2025 की सफलता को स्मरण करने के साथ ही शिक्षा और भाईचारे का संदेश देगा।
