अचलगंज गौशाला: लापरवाही से गौवंश मरे, बिना टेंडर भूसा पर सवाल।
अचलगंज नगर पंचायत गौशाला में गंभीर लापरवाही, दर्जनों गौवंशों की मौत बिना टेंडर वर्षों से भूसा आपूर्ति, उच्चस्तरीय बाहरी जांच की मांग
ख़बर उन्नाव से है जहां नगर पंचायत अचलगंज स्थित गौशाला में जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते हालात बेहद दयनीय बने हुए हैं। आरोप है कि भूख, ठंड और उपचार के अभाव में लगातार गौवंश मृत पाए जा रहे हैं, जबकि शासनादेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। मृत गौवंशों का न तो पंचनामा किया जाता है और न ही पोस्टमार्टम, बल्कि उन्हें गौशाला परिसर या गेट के आसपास बिना किसी औपचारिकता के दफना दिया जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि मरे हुए गौवंशों को गौ शाला के पास बने हुए कुआं में फेंका गया है जिससे वहां से निकलने वालों को गंध का सामना करना पढ़ रहा है।
बता दें कि 3 जनवरी को सभासदों द्वारा गौ शाला का औचक निरीक्षण के दौरान गौशाला परिसर में कई गौवंश मृत पाए गए। इनमें एक गाय की आंख फटी हुई थी और खून बह रहा था, जबकि दो गर्भवती गायें भी मृत मिलीं। उपजिलाधिकारी की उपस्थिति में जब पोस्टमार्टम कराया गया तो दोनों गायों के पेट से मृत बछड़े निकले। एक के पेट में चारा बिल्कुल नहीं था, जबकि दूसरी गाय के पेट में केवल पानी पाया गया। आरोप है कि मात्र दो दिनों में दर्जनों गौवंशों की मौत हुई, जबकि मौके पर न तो भूसा था, न चोकर और न ही सर्दी से बचाव की कोई व्यवस्था। सभासदों के धरने पर बैठने के बाद ही आनन-फानन में भूसा और चोकर मंगवाया गया। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी द्वारा की गई गिनती में मौके पर मौजूद गौवंशों की संख्या रजिस्टर में दर्ज संख्या से लगभग 80 कम पाई गई। इसके अलावा आधे से अधिक गौवंश बिना चिप और टैग के पाए गए। यह भी आरोप लगाया गया है कि कमीशन के लालच में वर्षों से बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के भूसा आपूर्ति करवाई जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर पहले भी सभासदों द्वारा जिलाधिकारी उन्नाव को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन की कथित मेहरबानी के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच किसी अन्य जनपद के अधिकारियों से कराई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके और गौवंशों की जान बचाई जा सके।
निष्कर्ष
घटना का सारांश
उन्नाव के अचलगंज गौशाला में लापरवाही से दर्जनों गौवंश भूख-ठंड से मरे, जिसमें गर्भवती गायें शामिल हैं। बिना टेंडर भूसा सप्लाई और रजिस्टर में 80 गौवंश कम पाए गए।
मांगें और अपेक्षाएं
स्थानीय लोगों व सभासदों ने अन्य जनपद से उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि गौवंश सुरक्षित रहें। प्रशासन से तत्काल सुधार की उम्मीद है।
