लंपी वायरस का कहर: बिसौली ब्लॉक में सरकारी दावों की खुली पोल, कागज़ों में सिमटा टीकाकरण अभियान
बदायूं।
बिसौली ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी वायरस ने दहशत फैला दी है। गांव नगला वन में पशुपालक बबलू सिंह की गाय के लंपी वायरस की चपेट में आने के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। बीमारी तेजी से फैल रही है और अब यह सरेरा, पिपरी, शरह बरौलिया, छिवऊ कलां और स्वरूपपुर जैसे गांवों तक पहुँच चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार भले ही लंपी वायरस से बचाव के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कई गांवों में अब तक एक भी पशु का टीकाकरण नहीं हुआ है। पशुपालन विभाग के कर्मचारी केवल कागज़ी खानापूर्ति कर रहे हैं।
पशुपालक बबलू सिंह का कहना है —
“सरकार कहती है कि हर पशु को लंपी से बचाने का टीका दिया जाएगा, लेकिन हमारे यहां कोई टीम नहीं आई। एक के बाद एक गाय बीमार हो रही हैं और विभाग के लोग सिर्फ सर्वे कर चले जाते हैं।”
ग्रामीणों का आरोप है कि जब तक अधिकारी स्वयं मौके पर नहीं पहुंचेंगे और वास्तविक टीकाकरण अभियान शुरू नहीं करेंगे, तब तक इस बीमारी पर नियंत्रण संभव नहीं है।
इस समय हालात इतने गंभीर हैं कि कई पशु बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, जबकि कुछ की मौत की भी पुष्टि हुई है। किसान अपने खर्चे पर दवाइयाँ खरीदकर पशुओं का इलाज करा रहे हैं, लेकिन सरकारी सहायता दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही।
लंपी वायरस न केवल पशुओं की जान ले रहा है, बल्कि गरीब किसानों की आर्थिक स्थिति को भी बुरी तरह झकझोर रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि सरकार तत्काल प्रभाव से ब्लॉक स्तर पर वास्तविक टीकाकरण अभियान चलाए, ताकि बढ़ते संक्रमण पर रोक लगाई जा सके और किसानों को इस संकट से राहत मिल सके।
