रायबरेली अस्पताल में इंजेक्शन घोटाला: डस्टबिन से खुली पोल
रायबरेली में स्वास्थ्य विभाग की कमीशनखोरी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। वायरल तस्वीरों से जिला अस्पताल के इमरजेंसी में बाहर के इंजेक्शन लिखने का खेल उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि लखनऊ मण्डल के अपर निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता जिला अस्पताल के रूटीन निरीक्षण पर आये थे। इसी दौरान डॉक्टर गुप्ता को जानकारी हुई कि यहाँ की इमरजेंसी में मरीज़ों से बाहर का इंजेक्शन मंगाए जाने, बाहर से सी टी स्कैन कराने और बाहर की महंगी एंटी बायोटिक मरीज़ों से ज़बरदस्ती खरीद कर लाने का दबाव बनाया जाता हैं। इसकी जांच करने पहुंचे डॉक्टर गुप्ता ने अपने तरीके से तहकीकात की तो सारा मामला उजागर हो गया। डॉक्टर गुप्ता ने तकरीबन ढाई घंटे तक इमरजेंसी में मौजूद रहकर डस्टबिन से बाहर की दवाओं और इंजेक्शन के रैपर बरामद कर लिए जिनकी तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं। इस मामले में पीड़ित मरीज़ों और तीमारदारों के बयान भी वायरल हुए हैं। इन वायरल तस्वीरों के बाबत सीएमएस के सीयूजी नम्बर पर फ़ोन किया गया तो नॉट रीचेबल बताता रहा।
निष्कर्ष
रायबरेली जिला अस्पताल में कमीशनखोरी का यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। डॉ. जीपी गुप्ता द्वारा बरामद सबूतों और वायरल तस्वीरों से साफ है कि मरीजों पर बाहर की दवाओं का दबाव बनाकर सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग हो रहा है। प्रशासन को तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि गरीब मरीजों को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों।
