डॉ. सरित द्विवेदी ने धीगपुर सिकंदरपुर में बांटे कंबल, स्वास्थ्य शिविर से ग्रामीणों को सर्दी में राहत मिली
डॉ. सरित द्विवेदी ने बांटे कंबल, स्वास्थ्य शिविर से ग्रामीणों को सर्दी में राहत

डॉ. सरित द्विवेदी ने जरूरतमंदों में बांटे कंबल, स्वास्थ्य शिविर से ग्रामीणों को मिली राहत
कन्नौज, 10 जनवरी 2026। छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम धीगपुर सिकंदरपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कन्नौज के तत्वावधान में आयोजित स्वास्थ्य शिविर एवं कंबल वितरण कार्यक्रम ने ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। प्राइवेट नर्सिंग एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. सरित द्विवेदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को कंबल प्रदान कर उनकी पीड़ा कम की।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सरित द्विवेदी ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होते हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की कमी रहती है। कंबल वितरण के साथ-साथ ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें कई लोगों को दवाइयां वितरित की गईं।
स्वास्थ्य शिविर की विशेषताएं
- निःशुल्क जांच: ग्रामीणों का ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
- जागरूकता अभियान: डॉ. द्विवेदी ने भीषण ठंड से बचाव के उपाय बताए, जैसे गर्म कपड़े पहनना, धूप में रहना और गर्म भोजन ग्रहण करना।
- कंबल वितरण: 50 से अधिक जरूरतमंद परिवारों को ऊनी कंबल भेंट किए गए, जो सर्दी की मार से उन्हें राहत देंगे।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में डॉ. विवेक पाल, डॉ. अनुपम सिंह, मदुवाला पाल, विकास तिवारी, शुगर सिंह पाल, हर्षित समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी का धन्यवाद ज्ञापित किया और ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता की मांग की।
डॉ. सरित द्विवेदी ने अंत में कहा, “स्वास्थ्य और मानवीय सहायता ही हमारा ध्येय है। आने वाले दिनों में और भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे।” यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बन गया।
निष्कर्ष
इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी कन्नौज की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और सर्दी से राहत प्रदान करने की उत्कृष्ट मिसाल है। डॉ. सरित द्विवेदी के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर एवं कंबल वितरण ने जरूरतमंदों को न केवल शारीरिक राहत दी, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी बढ़ाई। ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
