सहारनपुर: मंत्री सुनील शर्मा ने लॉन्च की 'जी-राम योजना', 125 दिन का रोजगार गारंटी लेकिन सवालों पर खामोशी।
मनरेगा बना ‘जी-राम’: सुनील शर्मा का बड़ा ऐलान, लेकिन सवालों से भागे!

सहारनपुर में मंत्री सुनील शर्मा का दावा: ‘जी-राम योजना’ से मनरेगा में भ्रष्टाचार खत्म, 125 दिन का रोजगार गारंटी!
प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने एक दिवसीय दौरे पर सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक व पत्रकार वार्ता की।
जी-राम योजना का ब्योरा
मंत्री ने बताया कि पूर्व की मनरेगा में भ्रष्टाचार व्याप्त था, इसलिए इसे ‘जी-राम योजना’ के रूप में बदला गया, जिसमें श्रमिकों को 90 की बजाय 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा। योजना से भ्रष्टाचार रुकेगा, श्रमिकों का भविष्य बदलेगा तथा फसल कटाई में किसानों को मजदूर उपलब्ध रहेंगे। पंजीकरण कराने वाले श्रमिक लाभान्वित होंगे।
पत्रकारों के सवालों पर असहजता
मानदेय दर, खनन मटेरियल महंगा होना (60 से 120-130 रुपये प्रति कुंतल), मूल निवास प्रमाण पत्र में देरी जैसी जनसमस्याओं पर मंत्री स्पष्ट जवाब टालते नजर आए। उन्होंने कहा कि वे केवल जी-राम योजना की जानकारी देने सहारनपुर आए हैं, बैठक में कोई शिकायत नहीं आई। कांग्रेस व समाजवादी पर निशाना साधा।
बाइट: सुनील कुमार शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री
“जी-राम योजना से भ्रष्टाचार समाप्त होगा, श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार और भविष्य का निर्माण होगा।”

दौरे का निष्कर्ष
सहारनपुर में मंत्री सुनील कुमार शर्मा के दौरे ने ‘जी-राम योजना’ को प्रमुखता से पेश किया, जो मनरेगा को मजबूत बनाने का दावा करती है। हालांकि, जनसमस्याओं पर अस्पष्ट जवाबों ने कई सवाल खड़े कर दिए। कुल मिलाकर, योजना का प्रचार तो हुआ, लेकिन जमीनी मुद्दों का समाधान अधर में लटक गया।
