हमीरपुर से शर्मनाक तस्वीर: पिता की मौत के बाद शव वाहन के लिए भटकता रहा पीएसी जवान, जिम्मेदारों की बेरुखी ने झकझोर दिया दिल
हमीरपुर। संवेदनहीनता की हद पार करती एक तस्वीर जिले के जिला अस्पताल से सामने आई है, जहां देश की सुरक्षा में तैनात एक पीएसी जवान को अपने पिता के शव वाहन के लिए घंटों तक भटकना पड़ा। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और अधिकारियों की बेरुखी ने बेटे को सड़क पर आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे पीएसी जवान दिनेश सिंह परिहार, निवासी मांझखोर रमेड़ी खजांची मोहाल (सदर कोतवाली), अपने 88 वर्षीय पिता शिवराम सिंह परिहार को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दिनेश ने अस्पताल प्रशासन से शव वाहन की मांग की, तो कर्मचारियों ने टालमटोल शुरू कर दी।
करीब एक घंटे तक अस्पताल गेट पर बैठे दिनेश बार-बार अधिकारियों को फोन करते रहे, लेकिन किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की। आंखों में आंसू और दिल में बेबसी लिए जवान अस्पताल के गेट पर बैठकर रोता रहा, मगर सरकारी तंत्र का पत्थर दिल नहीं पिघला।
आखिरकार करीब एक घंटे बाद शव वाहन उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद दिनेश पिता का शव लेकर घर लौट सके।
इस मामले में प्रभारी सीएमएस डॉ. ए.के. सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि “सुबह दो अन्य मौतों के चलते शव वाहन मोर्च्युरी गया हुआ था, इसी कारण देरी हुई। बाद में वाहन उपलब्ध करा दिया गया।”
लेकिन सवाल यह है कि — जब एक जवान, जो देश की सेवा करता है, अपने ही जिले में अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए भी तंत्र के आगे बेबस हो जाए, तो आम लोगों का क्या हाल होगा?
