लोकसभा चुनावों को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग पर खींचतान तेज़ हो गई है। इसी सिलसिले में दिल्ली में आयोजित बैठक से बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व RJD नेता तेजस्वी यादव अचानक निकल गए। जानकारी के मुताबिक तेजस्वी बिना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिले ही पटना लौट गए।
बैठक में बिहार में सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई। सूत्रों के अनुसार, RJD बिहार में अधिक सीटों पर दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों का मानना है कि RJD का दबदबा इतना बड़ा नहीं है जितना सीटों की मांग की जा रही है। कांग्रेस चाहती है कि उसे बिहार में कम से कम 10–12 सीटें मिलें, वहीं RJD इसका विरोध कर रही है।
तेजस्वी की इस अचानक रवाना होने की कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। इसे गठबंधन के भीतर बढ़ती तल्खी और अविश्वास के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस खेमे को यह संदेश गया है कि RJD दबाव की राजनीति कर रही है, वहीं RJD का कहना है कि उन्हें बिहार में जमीनी सच्चाई का बेहतर अनुभव है और उसी आधार पर सीटों का बंटवारा होना चाहिए।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर RJD और कांग्रेस के बीच यह खींचतान बढ़ती है तो बिहार में विपक्षी एकजुटता को झटका लग सकता है और इसका सीधा फायदा बीजेपी-एनडीए गठबंधन को मिल सकता है।
👉 कुल मिलाकर, सीट शेयरिंग को लेकर RJD और कांग्रेस के बीच मतभेद गहराए हैं, और तेजस्वी का बैठक छोड़कर लौटना गठबंधन की मुश्किलें और बढ़ाने वाला संकेत माना जा रहा है।

